इस मर्ज़ की कोई दवा तो होगी ,
कही मेरे लिए कभी, दुआ तो होगी !
जख्म तो इतने दिए ए बेवफा ,
पर कभी तो मेरे लिए रुआ तो होगी !
दिल को समझाता हूँ बहुत, पर
ये दिल कहता है :-
कभी तो मुलाकात , सलाम - दुआ तो होगी !!!
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