उजड़ने लगी है महफ़िल , बिखरने लगा है समां ...
अभी तो शाम बाकी है !!!
रुको दोस्त , कहाँ जाते हों ?
अभी तो मेरे जनाजे का जाम बाकी है !!!
लफ्जे-गुफ्तगू ने पैवस्त किया है खंजर ,
अभी तो मरने का अंजाम बाकी है !!!
Thursday, November 25, 2010
Tuesday, November 23, 2010
Tuesday, November 16, 2010
Saturday, November 13, 2010
Friday, November 12, 2010
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