Friday, November 12, 2010

आज एक हरा पत्ता क्यूँ टुटा है ?

क्या हक ना था उसे ,
उस डाल से लिपटे रहने का !!!
जिससे उसने जन्म लिया था ... !!!

हवा के थपेड़ो ने क्यूँ ,
बाध्य किया उस डाली को ???
 और भी तो पत्ते थे ,
जो पा चुके थे लाली को !!!

 लगता है की-
 इसबार बसंत उससे रूठा है ...

आज एक हरा पत्ता क्यूँ टुटा है ?

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