Thursday, November 25, 2010

उजड़ने लगी है महफ़िल , बिखरने लगा है समां ...
अभी तो शाम बाकी है !!!

रुको दोस्त , कहाँ  जाते हों ?
अभी तो मेरे जनाजे का जाम बाकी है !!!

लफ्जे-गुफ्तगू ने पैवस्त किया है खंजर ,
अभी तो मरने का अंजाम बाकी है !!!

2 comments:

  1. भारतीय ब्लॉग लेखक मंच की तरफ से आप, आपके परिवार तथा इष्टमित्रो को होली की हार्दिक शुभकामना. यह मंच आपका स्वागत करता है, आप अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच

    ReplyDelete